आईना बन जायेगा

तू अगर दिल की सुनेगा बावफ़ा बन जायेगा
आज के इस दौर में ये ही सज़ा बन जायेगा

इश्क़ के बारे में कुछ मत पूछ ये ही जान ले
इश्क़ जिस पत्थर को छू ले वो खुदा बन जायेगा

तोड़ने वाले मेरा दिल, सोच ले पहले जरा
दिल नहीं है कोई बूत जो दूसरा बन जायेगा

ग़म अगर मेरे बिखर जाने का तुझको है नदीश
मैं संवर जाऊंगा गर तू आईना बन जायेगा

चित्र साभार-गूगल

22 comments:

  1. ग़म अगर मेरे बिखर जाने का तुझको है नदीश
    मैं संवर जाऊंगा गर तू आईना बन जायेगा
    बहुत खूब......
    शानदार गजल

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  2. इश्क़ के बारे में कुछ मत पूछ ये ही जान ले
    इश्क़ जिस पत्थर को छू ले वो खुदा बन जायेगा

    बहुत खूब ... इश्क खुदा बन जाता है तो उसको पाने वाले अपने आप ही उसके करीब हो जाते हैं ...

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  3. उम्दा शानदार हर बार की तरह।

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  4. नमस्ते,
    आपकी यह प्रस्तुति BLOG "पाँच लिंकों का आनंद"
    ( http://halchalwith5links.blogspot.in ) में
    गुरुवार 30 अगस्त 2018 को प्रकाशनार्थ 1140 वें अंक में सम्मिलित की गयी है।
    प्रातः 4 बजे के उपरान्त प्रकाशित अंक अवलोकनार्थ उपलब्ध होगा।
    चर्चा में शामिल होने के लिए आप सादर आमंत्रित हैं, आइयेगा ज़रूर।
    सधन्यवाद।

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    1. बहुत बहुत आभार आदरणीय

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  5. बेहद खूबसूरत 👌👌

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  6. बहुत सुंदर भावों से परिपूर्ण ।

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  7. हमेशा की.तरह आपकी लिखी शानदार ग़ज़ल लोकेश जी..बहुत अच्छी है👌👌👌

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  8. बहुत सुंदर प्रस्तूति,लोकेश जी।

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  9. बहुत ही सुन्दर गजल

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