सरापा दास्तां हूँ

December 28, 2017
यहां पर भी हूँ मैं, मैं ही वहां हूँ ठिकाना है बदन, मैं लामकां हूँ हमारा साथ है कुछ इस तरह से तड़प और दर्द तू है, मैं फुगां हूँ ...Read More

चांदनी के फूल

December 26, 2017
झरते तुम्हारी आँख से जानम नमी के फूल खिलने लगे हैं दिल में मेरे तिश्नगी के फूल  भटके न  राहगीर  कोई  राह  प्यर   की रक्खें है...Read More

तुम न होगे तो

December 24, 2017
तुम न होगे तो यूँ भी क्या हो जाएगा कुछ नए ज़ख्मों से राब्ता हो जाएगा उसको भी तासीरे-उल्फ़त देगी बदल बेवफ़ा हो तो बावफ़ा हो ...Read More

तेरी आँखों में

December 21, 2017
राह  तकता ही  रहा  ख़्वाब सुनहरा कोई नींद पे  मेरी लगा  कर  गया  पहरा  कोई ढूंढती है मेरे एहसास की तितली फिर से तेरी आँखों  में,...Read More

गाँव में यादों के

December 20, 2017
नज़र को आस नज़र की है मैकशी के लिये तड़प रहे हैं बहुत आज हम किसी के लिये नहीं लगता है ये मुमकिन मुझे सफ़र तनहा हमसफ़र चाहिये मुझको भ...Read More

किस तरह बदलते हैं

December 17, 2017
टूटा  मेरी  वफ़ा का भरम देखते देखते झूठे  हुए  वादा ओ कसम देखते देखते किस तरह बदलते हैं अपना कहने वाले लोग जीते  हैं  तमाशा ...Read More

ओस की बूंदों से

December 14, 2017
सिर्फ इतना ही यहां तंग नज़र जानते हैं दर-ओ-दीवार बनाकर उसे घर जानते हैं कोई परवाह है तूफां की न ही डर छालों का हम फ़क़त अपना जो मक़स...Read More

पांव से कह रहा है

December 08, 2017
गैर से ही नहीं खुद से भी छले मिलते हैं लोग चेहरे पे कई चेहरे मले मिलते हैं मैंने एहसास के दरीचे से देखा जब भी फूल के पेड़ भी का...Read More

याद के पंछी

December 06, 2017
पलक की सीपियों में अश्क़ को गौहर बनाता हूँ मैं तन्हाई की दुल्हन के लिए जेवर बनाता हूँ कभी चंपा कभी जूही कभी नर्गिस की पंखुडियां...Read More

ख़्वाब रखता हूँ

December 03, 2017
फैसलों का तेरे ऐ ज़िन्दगी हिसाब रखता हूँ। गुज़िश्ता हर लम्हें की तेरे इक किताब रखता हूँ देखकर चुप हूँ तेरी चश्मे-परेशां ऐ वक़्...Read More