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सरापा दास्तां हूँ
चांदनी के फूल
तुम न होगे तो
तेरी आँखों  में
देखते-देखते
ओस की बूंदों से
दिल के अनुसार नहीं होता
राह में प्यार की
याद के पंछी
ख़्वाब रखता हूँ