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सरापा दास्तां हूँ

चांदनी के फूल

तुम न होगे तो

तेरी आँखों में

गाँव में यादों के

देखते-देखते

ओस की बूंदों से

दिल के अनुसार नहीं होता

राह में प्यार की

याद के पंछी

ख़्वाब रखता हूँ