मेरे एहसास की तितली

January 25, 2018
लड़कपन को भी, जो दिल में है अक्सर मार देते हैं मेरे ख़्वाबों को सच्चाई के मंज़र मार देते हैं वफ़ाएं अपनी राह-ए-इश्क़ में जब भी रख...Read More

कितना बवाल था

January 18, 2018
शबे-वस्ल तेरी हया का कमाल था सुबह देखा तो आसमां भी लाल था कटे हैं यूँ हर पल ज़िन्दगी के अपने नफ़स नफ़स में वो कितना बवाल था ...Read More

रिश्तों की ये पतंग

January 13, 2018
तिल गुड़ की खुश्बू सोंधी ये ख़ास खो न जाये पुरखों की जो विरासत है पास, खो न जाये उलझे न साज़िशों में रिश्तों की ये पतंग अपनों...Read More

ख़ुश्बू आँखों में

January 11, 2018
ख़्वाब तेरा करता है वो जादू आँखों में भर उठती है ख़्वाब की हर ख़ुश्बू आँखों में क़त्ल बताओ कैसे फिर मेरा न होता रक्खे थे उसने लम्बे...Read More

कुछ नहीं

January 07, 2018
ग़र मेरे एहसास कुछ नहीं तो फिर मेरे पास कुछ नहीं आँखों में ये आँसू तो हैं हाँ कहने को खास कुछ नहीं कितने रिश्ते-नाते म...Read More

जलते शहर से

January 03, 2018
न  मिले  चाहे  सुकूं  तेरी  नज़र  से बारहा  गुजरेंगे  पर उस रहगुज़र से जिसके होंठो पे तबस्सुम की घटा है आज पी ली है उसी के चश्मे...Read More