सपने, आँखें, नींद

April 30, 2018
समझदार तो सिर्फ़ सियासत करते हैं पागल हैं जो लोग, मुहब्बत करते हैं ये तो सोचा नहीं दोस्ती में हमने आगे चलकर दोस्त अदावत करते ह...Read More

दर्द का लम्हा

April 21, 2018
यूँ मुसलसल ज़िन्दगी से मसख़री करते रहे ज़िन्दगी भर  आरज़ू-ए-ज़िन्दगी  करते  रहे  एक  मुद्दत  से  हक़ीक़त  में नहीं आये यहाँ  ख़्वाब ...Read More

यादों की टिमटिम

April 13, 2018
बनकर तेरी यादों की ख़ुश्बू आये हैं दर्द के कुछ कस्तूरी आहू आये हैं भेजा है पैग़ाम तुम्हारे ख़्वाबों ने बनकर क़ासिद आँख में आंसू आये...Read More

मंज़र बहार के

April 07, 2018
रस्ते तो ज़िन्दगी के साज़गार बहुत थे खुशियों को मगर हम ही नागवार बहुत थे बिखरे हुए थे चार सू मंज़र बहार के बिन तेरे यूँ लगा वो सोग...Read More