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ख़्वाब रखता हूँ

December 03, 2017
फैसलों का तेरे ऐ ज़िन्दगी हिसाब रखता हूँ। गुज़िश्ता हर लम्हें की तेरे इक किताब रखता हूँ देखकर चुप हूँ तेरी चश्मे-परेशां ऐ वक़्...Read More