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मेरी आँखों को

August 25, 2018
ख़्वाब जिसके तमाम उम्र संजोई आँखें उसकी यादों ने आंसुओं से भिगोई आँखें तेरे ख़्वाबों की हर एक वादाखिलाफ़ी की कसम मुद्दतें हो गई है...Read More

ज़िन्दगी

June 22, 2018
सैकड़ों खानों में जैसे बंट गई है ज़िन्दगी साथ रह कर भी लगे है अजनबी है ज़िन्दगी झाँकता हूँ आईने में जब भी मैं अहसास के यूँ लगे है ...Read More

सपने, आँखें, नींद

April 30, 2018
समझदार तो सिर्फ़ सियासत करते हैं पागल हैं जो लोग, मुहब्बत करते हैं ये तो सोचा नहीं दोस्ती में हमने आगे चलकर दोस्त अदावत करते ह...Read More