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ख़्वाब रखता हूँ

December 03, 2017
फैसलों का तेरे ऐ ज़िन्दगी हिसाब रखता हूँ। गुज़िश्ता हर लम्हें की तेरे इक किताब रखता हूँ देखकर चुप हूँ तेरी चश्मे-परेशां ऐ वक़्...Read More

सिवा प्यार के

November 25, 2017
भला है बुरा है, है अपनी जगह मेरा फ़ैसला है, है अपनी जगह ज़माना भले बेवफ़ा हो मगर अभी भी वफ़ा है, है अपनी जगह नहीं प्य...Read More