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साँसों का साथ

September 13, 2018
मुक्तक ये करिश्मा मोहब्बत में होते देखा लब पे हँसी आँख को रोते देखा गुजरे है मंज़र भी अजब आँखों से साहिल को कश्तियां डुबोते देखा...Read More

चुपके-चुपके

September 06, 2018
व्याकुल हो जब भी मन मेरा तब-तब गीत नया गाता है आँखों में इक सपन सलोना  चुपके-चुपके आ जाता है जीवन के सारे रंगों से  भीग ...Read More

मेरी आँखों को

August 25, 2018
ख़्वाब जिसके तमाम उम्र संजोई आँखें उसकी यादों ने आंसुओं से भिगोई आँखें तेरे ख़्वाबों की हर एक वादाखिलाफ़ी की कसम मुद्दतें हो गई है...Read More

ज़िन्दगी का मौसम

August 23, 2018
तीन मुक्तक उदास-उदास सा है ज़िन्दगी का मौसम नहीं आया, हुई मुद्दत खुशी का मौसम दिल को बेचैन किये रहता है नदीश सदा याद रह जाता है क...Read More

ग़म की रेत पे

August 23, 2018
यूँ भी दर्द-ए-ग़ैर बंटाया जा सकता है आंसू अपनी आँख में लाया जा सकता है ख़ुद को अलग करोगे कैसे दर्द से, बोलो दाग़, ज़ख्म का भले मिटाया ज...Read More

तेरा ख़याल

August 02, 2018
याद से बारहा तेरी उलझते रहते हैं सिमटते रहते हैं या फिर बिखरते रहते हैं तेरा ख़याल भी छू ले अगर ज़ेहन को मेरे रात दिन दोपहर ...Read More

अश्क़ों का बादल

July 20, 2018
वीरानियों का वो आलम है दिल में मर्ग-ए-तमन्ना का मातम है दिल में ठहरा हुआ है अश्क़ों का बादल सदियों से बस एक मौसम है दिल में ...Read More

मेरी तस्वीर

July 10, 2018
ख़्वाब की तरह से आँखों में छिपाये रखना हमको दुनिया की निगाहों से बचाये रखना बिखर न जाऊँ कहीं टूट के आंसू की तरह मेरे  वजूद  को  ...Read More

तेरे बगैर

July 07, 2018
किस्मत को तो मुझसे पुराना बैर रहा है हर वक़्त तू भी तो खफ़ा सा, खैर रहा है हासिल यही है तज़ुर्बा-ए-ज़िन्दगी मुझे किरदार तो अपनों मे...Read More

ज़िन्दगी

June 22, 2018
सैकड़ों खानों में जैसे बंट गई है ज़िन्दगी साथ रह कर भी लगे है अजनबी है ज़िन्दगी झाँकता हूँ आईने में जब भी मैं अहसास के यूँ लगे है ...Read More

बिखर जाने दे

June 14, 2018
अपनी आँखों के आईने में संवर जाने दे मुझे समेट ले आकर या बिखर जाने दे मेरी नहीं है तो ये कह दे ज़िन्दगी मुझसे चंद सांसें करूँगा क...Read More

दर्द का एक पल

June 08, 2018
बिछड़ते वक़्त तेरे अश्क़ का हर इक क़तरा लिपट के रास्ते से मेरे तर-ब-तर निकला खुशी से दर्द की आँखों में आ गए आंसू मिला जो शख़्स वो ख़्...Read More

अच्छा है कि

June 04, 2018
रखता नहीं है निस्बतें  किसी  से आदमी रिश्तों को ढ़ो रहा है आजिज़ी से आदमी धोखा, फ़रेब,  खून-ए-वफ़ा  रस्म हो गए डरने लगा  है अब  त...Read More

दर्द से निस्बत

February 27, 2018
जो  भी ख़लिश* थी दिल में अहसास हो गई है दर्द से निस्बत* मुझे कुछ खास हो गई है वज़ूद हर खुशी का ग़म से है इस जहां में फिर ज़िन...Read More

कहूँ किसको

February 22, 2018
दिल की हर बात मैं कहूँ किसको अपने हालात मैं कहूँ किसको मैंने खोया तो पा लिया दिल ने जीत कर मात मैं कहूँ किसको अश्क़ भी याद ...Read More

ये आँखें जब

February 20, 2018
धुंधला-धुंधला अक़्स ख़ुशी कम दिखती है ये आँखें जब आईने में नम दिखती है आ तो गया हमको ग़मों से निभाना लेकिन हमसे अब हर खुशी बरहम ...Read More

ख़्वाब की गलियों में

November 10, 2017
यूँ मुसलसल ज़िन्दगी से मसख़री करते रहे ज़िन्दगी भर आरज़ू-ए-ज़िन्दगी करते रहे  एक मुद्दत से हक़ीक़त में नहीं आये यहाँ  ख़्वाब की ग...Read More