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तेरा ख़याल

August 02, 2018
याद से बारहा तेरी उलझते रहते हैं सिमटते रहते हैं या फिर बिखरते रहते हैं तेरा ख़याल भी छू ले अगर ज़ेहन को मेरे रात दिन दोपहर ...Read More

अश्क़ों का बादल

July 20, 2018
वीरानियों का वो आलम है दिल में मर्ग-ए-तमन्ना का मातम है दिल में ठहरा हुआ है अश्क़ों का बादल सदियों से बस एक मौसम है दिल में ...Read More

मेरी तस्वीर

July 10, 2018
ख़्वाब की तरह से आँखों में छिपाये रखना हमको दुनिया की निगाहों से बचाये रखना बिखर न जाऊँ कहीं टूट के आंसू की तरह मेरे  वजूद  को  ...Read More

तेरे बगैर

July 07, 2018
किस्मत को तो मुझसे पुराना बैर रहा है हर वक़्त तू भी तो खफ़ा सा, खैर रहा है हासिल यही है तज़ुर्बा-ए-ज़िन्दगी मुझे किरदार तो अपनों मे...Read More

अच्छा है कि

June 04, 2018
रखता नहीं है निस्बतें  किसी  से आदमी रिश्तों को ढ़ो रहा है आजिज़ी से आदमी धोखा, फ़रेब,  खून-ए-वफ़ा  रस्म हो गए डरने लगा  है अब  त...Read More

दर्द से निस्बत

February 27, 2018
जो  भी ख़लिश* थी दिल में अहसास हो गई है दर्द से निस्बत* मुझे कुछ खास हो गई है वज़ूद हर खुशी का ग़म से है इस जहां में फिर ज़िन...Read More

तहखाने नींद के

February 02, 2018
ये तेरी जुस्तजू से मुझे तज़ुर्बा हुआ मंज़िल हुई मेरी न मेरा रास्ता हुआ खुशियों को कहीं भी न कभी रास आऊँ मैं हाँ सल्तनत में दर्...Read More

मेरे एहसास की तितली

January 25, 2018
लड़कपन को भी, जो दिल में है अक्सर मार देते हैं मेरे ख़्वाबों को सच्चाई के मंज़र मार देते हैं वफ़ाएं अपनी राह-ए-इश्क़ में जब भी रख...Read More

ख़ुश्बू आँखों में

January 11, 2018
ख़्वाब तेरा करता है वो जादू आँखों में भर उठती है ख़्वाब की हर ख़ुश्बू आँखों में क़त्ल बताओ कैसे फिर मेरा न होता रक्खे थे उसने लम्बे...Read More

कुछ नहीं

January 07, 2018
ग़र मेरे एहसास कुछ नहीं तो फिर मेरे पास कुछ नहीं आँखों में ये आँसू तो हैं हाँ कहने को खास कुछ नहीं कितने रिश्ते-नाते म...Read More

जलते शहर से

January 03, 2018
न  मिले  चाहे  सुकूं  तेरी  नज़र  से बारहा  गुजरेंगे  पर उस रहगुज़र से जिसके होंठो पे तबस्सुम की घटा है आज पी ली है उसी के चश्मे...Read More

सरापा दास्तां हूँ

December 28, 2017
यहां पर भी हूँ मैं, मैं ही वहां हूँ ठिकाना है बदन, मैं लामकां हूँ हमारा साथ है कुछ इस तरह से तड़प और दर्द तू है, मैं फुगां हूँ ...Read More

तुम न होगे तो

December 24, 2017
तुम न होगे तो यूँ भी क्या हो जाएगा कुछ नए ज़ख्मों से राब्ता हो जाएगा उसको भी तासीरे-उल्फ़त देगी बदल बेवफ़ा हो तो बावफ़ा हो ...Read More

तेरी आँखों में

December 21, 2017
राह  तकता ही  रहा  ख़्वाब सुनहरा कोई नींद पे  मेरी लगा  कर  गया  पहरा  कोई ढूंढती है मेरे एहसास की तितली फिर से तेरी आँखों  में,...Read More

गाँव में यादों के

December 20, 2017
नज़र को आस नज़र की है मैकशी के लिये तड़प रहे हैं बहुत आज हम किसी के लिये नहीं लगता है ये मुमकिन मुझे सफ़र तनहा हमसफ़र चाहिये मुझको भ...Read More

किस तरह बदलते हैं

December 17, 2017
टूटा  मेरी  वफ़ा का भरम देखते देखते झूठे  हुए  वादा ओ कसम देखते देखते किस तरह बदलते हैं अपना कहने वाले लोग जीते  हैं  तमाशा ...Read More

ओस की बूंदों से

December 14, 2017
सिर्फ इतना ही यहां तंग नज़र जानते हैं दर-ओ-दीवार बनाकर उसे घर जानते हैं कोई परवाह है तूफां की न ही डर छालों का हम फ़क़त अपना जो मक़स...Read More

पांव से कह रहा है

December 08, 2017
गैर से ही नहीं खुद से भी छले मिलते हैं लोग चेहरे पे कई चेहरे मले मिलते हैं मैंने एहसास के दरीचे से देखा जब भी फूल के पेड़ भी का...Read More

याद के पंछी

December 06, 2017
पलक की सीपियों में अश्क़ को गौहर बनाता हूँ मैं तन्हाई की दुल्हन के लिए जेवर बनाता हूँ कभी चंपा कभी जूही कभी नर्गिस की पंखुडियां...Read More