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साँसों का साथ

September 13, 2018
मुक्तक ये करिश्मा मोहब्बत में होते देखा लब पे हँसी आँख को रोते देखा गुजरे है मंज़र भी अजब आँखों से साहिल को कश्तियां डुबोते देखा...Read More

चुपके-चुपके

September 06, 2018
व्याकुल हो जब भी मन मेरा तब-तब गीत नया गाता है आँखों में इक सपन सलोना  चुपके-चुपके आ जाता है जीवन के सारे रंगों से  भीग ...Read More

चांदनी के फूल

December 26, 2017
झरते तुम्हारी आँख से जानम नमी के फूल खिलने लगे हैं दिल में मेरे तिश्नगी के फूल  भटके न  राहगीर  कोई  राह  प्यर   की रक्खें है...Read More