ख़्वाबों को

March 25, 2018
तूफ़ान में कश्ती को उतारा नहीं होता उल्फ़त का अगर तेरी किनारा नहीं होता ये सोचता हूँ कैसे गुजरती ये ज़िन्दगी दर्दों का जो है गर वो...Read More

काफ़िले दर्द के

March 19, 2018
जब भी यादों में सितमगर की उतर जाते हैं  काफ़िले दर्द के इस दिल से गुज़र जाते हैं तुम्हारे नाम की हर शै है अमानत मेरी  अश्क़ पल...Read More

दर्द का मौसम

March 15, 2018
कितना ग़मगीन ये आलम दिखाई देता है हर जगह दर्द का मौसम दिखाई देता है दिल को आदत सी हो गई है ख़लिश की जैसे अब तो हर खार भी मरहम दिख...Read More

आँख में ठहरा हुआ

March 12, 2018
वस्ल की शब का है मंज़र आँख में ठहरा हुआ एक सन्नाटा है सारे शहर में फैला हुआ दोस्ती-ओ-प्यार की बातें जो की मैंने यहाँ किस कदर ...Read More

मगर चाहता हूँ

March 08, 2018
मुहब्बत में अपनी असर चाहता हूँ वफ़ा से भरी हो नज़र चाहता हूँ तेरा दिल है मंज़िल मेरी चाहतों की नज़र की तेरी रहगुज़र चाहता हूँ ...Read More

गुलों की राह के

February 28, 2018
गुलों की राह के कांटे सभी खफ़ा मिले मुहब्बत में वफ़ा की ऐसी न सज़ा मिले अश्क़ तो उसकी यादों के करीब होते हैं तिश्नगी ले चल जहां...Read More

दर्द से निस्बत

February 27, 2018
जो  भी ख़लिश* थी दिल में अहसास हो गई है दर्द से निस्बत* मुझे कुछ खास हो गई है वज़ूद हर खुशी का ग़म से है इस जहां में फिर ज़िन...Read More