तेरे बगैर

July 07, 2018
किस्मत को तो मुझसे पुराना बैर रहा है हर वक़्त तू भी तो खफ़ा सा, खैर रहा है हासिल यही है तज़ुर्बा-ए-ज़िन्दगी मुझे किरदार तो अपनों मे...Read More

ज़िन्दगी

June 22, 2018
सैकड़ों खानों में जैसे बंट गई है ज़िन्दगी साथ रह कर भी लगे है अजनबी है ज़िन्दगी झाँकता हूँ आईने में जब भी मैं अहसास के यूँ लगे है ...Read More

बिखर जाने दे

June 14, 2018
अपनी आँखों के आईने में संवर जाने दे मुझे समेट ले आकर या बिखर जाने दे मेरी नहीं है तो ये कह दे ज़िन्दगी मुझसे चंद सांसें करूँगा क...Read More

दर्द का एक पल

June 08, 2018
बिछड़ते वक़्त तेरे अश्क़ का हर इक क़तरा लिपट के रास्ते से मेरे तर-ब-तर निकला खुशी से दर्द की आँखों में आ गए आंसू मिला जो शख़्स वो ख़्...Read More

अच्छा है कि

June 04, 2018
रखता नहीं है निस्बतें  किसी  से आदमी रिश्तों को ढ़ो रहा है आजिज़ी से आदमी धोखा, फ़रेब,  खून-ए-वफ़ा  रस्म हो गए डरने लगा  है अब  त...Read More

आस की छत

May 24, 2018
कड़ी है धूप और न साया-ए-शजर यारों न हमसफ़र है, उसपे ज़ीस्त का सफ़र यारों न हक़ीक़त की सदा और न ख़्वाब की आहट बहुत उदास है यादों की रहग...Read More

शहर में तेरे

May 14, 2018
मकानों के दरम्यान कोई घर नहीं मिला शहर में तेरे प्यार का मंज़र नहीं मिला झुकी जाती है पलकें ख़्वाबों के बोझ से आँखों को मगर नींद ...Read More

मुद्दतों से जिसे

May 09, 2018
दिल की उम्मीदों को सीने में छिपाये रक्खा इन चराग़ों को हवाओं से बचाये रक्खा हमसे मायूस होके लौट गई तन्हाई भी हमने खुद को तेरी ...Read More